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Showing posts from July, 2018

पाकिस्तान में मौत की सज़ा भी नहीं रोक पाई बलात्कार

सोमवार को लोक सभा में आपराधि क क़ानून संशोधन विधेयक पर चर्चा के बाद उसे पास कर दिया गया है. आपराधिक क़ानून में इस बदलाव के बाद 12 साल से कम उ म्र की बच्चियों के साथ ब लात्कार के मामलों में दोषियों को मृत्युदंड तक की सज़ा सुनाई जा सकती है. इससे पहले साल 2012 में दिल्ली में एक चलती बस पर कॉ लेज की छात्रा 'निर्भया' के बलात्कार के बाद अगले साल क़ानून में संशोधन कर बलात्कार के लिए अधिकतम मौत की सज़ा का प्रावधान लाया गया था. पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के बाद भारत, बलात्कार के लिए मौत की सज़ा तय करनेवाला चौथा दक्षिण-एशियाई देश है. पर क्या ये प्रावधान बलात्कार के मामले कम करने में कारगर है, इसपर एक राय नहीं है.लेकिन इसके प्रावधानों को औरतों और बच्चों के ही ख़िलाफ़ माना गया, मसलन बलात्कार साबित करने के लिए सबूत के तौर पर चार मर्द चश्मदीद की ज़रूरत थी. वर्ना इसे 'अडल्ट्री' माना जाता और उस के लिए औरत को भी सज़ा दी जाती. आख़िरका र 2006 में 'हुदूद ऑर्डिने न्स' को संशोधित किया गया और नया क़ानून 'प्रोटेक्शन ऑफ़ वुमेन (क्रिमिनल लॉज़ अमेंडमेंट) ऐ...

ब्लॉग: सरकार पर भरोसा करें या भगवान भरोसे चलती सरकारों पर

इसी साल फ़रवरी-मार् च महीने में बड़े धूम से शुरू हुआ 'राष्ट्र रक्षा महायज्ञ' याद है आपको?उससे यही आभास मिला कि राष्ट्र की रक्षा करना सरकार का काम नहीं है या ये उसके बस की बा त नहीं है, उसके लिए तो ईश्वरीय कृपा चाहिए. बीजेपी से जुड़े नेताओं का संकल्प ये था कि देश की सीमाओं से मिट्टी लाई जाएगी, घर-घर से घी माँगा जाएगा, जो घी नहीं दे स कते वे पेटीएम से 11 रुपए दान कर सकते हैं.इसके बाद मुग़लिया दौर में बने लाल क़िले में हवन कुंड बनाकर समिधा डाली जानी थी जिससे राष्ट्र के शत्रुओं का नाश होना था. इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए आप को बस मिस्ड कॉल देना था. ऐसा सुंदर प्रावधान किस वेद-पुराण में है? राष्ट्र रक्षा महायज्ञ की पूजन विधि और महात्म्य आप यहाँ विस्तार से पढ़ सकते हैं. बीजेपी के पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी ने बीबीसी को बताया था कि डो कलाम और जम्मू-कश्मीर से मिट्टी लाने के लिए रथ रवाना किए गए हैं.इस हवन के लिए भारत-चीन सीमा से इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आइटीबीपी) की मदद से डोकलाम की मिट्टी लाई जानी थी.अगर ईश्वर में आस्था है तो फि र पता नहीं क्यों, देश...