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Showing posts from August, 2019

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

बिहार सरकार ने इस साल सबसे अधिक धन शिक्षा के म द में ही आवंटित किया है. राज्य सरकार की तरफ़ से सर्व शिक्षा अभियान के लिए 14,352 करोड़ और मध्याह्न भोजन के लिए 2,374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. आख़िर इतना पैसे खर्च करने के बावजूद भी हालात सुधर क्यों नहीं रहे? इसका जवाब राजभवन वाले स्कूल के शिक्षक अशोक कुमार की एक बात से मिल रहा था. उन्होंने बताया कि उनके स्कूल के एक छात्र के पास अभी तक किताबें नहीं थीं. उन्होंने बताया, "जब निरीक्षण क रने अधिकारी आए थे तो उसने ख़ुद ही बता दिया था कि किताब खरीदने के लिए जो 300 रुपये उसके खाते में आए थे, उसके पिताजी ने निकाल कर मुर्गा खरीद लिया." अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं मि ल पाया था कि किन शिक्षकों की वजह से शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगे हैं और क्या शिक्षा की बदहाली के ज़िम्मेदार वही हैं. बिहार नियोजित शिक्षक संघ के प्रतिनिधि अमित विक्रम कहते हैं, " केवल कुछ लोगों की वजह से पूरे शिक्षक समुदाय को दोष देना ठीक नहीं है. जिन्होंने धांधली की है, वे जांच में पकड़े जाएंगे. सवाल उन्हीं पर उठे हैं जिनका नियोजन T...