एशियन गेम्स: कबड्डी में ईरान से हारा भारत, पहली बार स्वर्ण से वंचित
डोनेशिया में चल रहे एशियन गेम्स में भारत की पुरुष कबड्डी टीम सेमी-फ़ाइनल मुकाबले में ईरान की टीम से हार गई है.
इसके साथ भारतीय टीम का फ़ाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया और उसे ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ेगा.
भारतीय टीम को ईरान से 18-27 से मात खानी पड़ी.
भारतीय
टीम की यह हार अपने-आप में ऐतिहासिक है, क्योंकि पिछले 28 साल में ये पहली
बार है जब भारतीय पुरुष टीम कबड्डी में गोल्ड मेडल नहीं जीत पाएगी. इमेज कॉपीरइटभारतीय टीम में कई अजय ठाकुर, प्रदीप नरवाल, राहुल चौधरी और दीपक हुड्डा
जैसे नाम थे. ये वो नाम थे कुछ वक़्त पहले हुए प्रो कबड्डी लीग में भी खूब
चमके थे लेकिन इसके बावजूद ईरान की टीम इस पर भारी पड़ी. n पदक तालिका में दसवें नंबर पर है भारतसाल 1990 से यानी जब से एशियन गेम्स में कबड्डी की शुरुआत हुई, तब से भारतीय टीम ही स्वर्ण पदक जीत रही थी.
कबड्डी के अलावा भारत के 15 वर्षीय शार्दुल विहान ने पुरुषों को डबल ट्रैप शूटिंग इवेंट में सिल्वर मेडल पर निशाना लगाया.
एशियाई खेलों के पांचवें दिन गुरुवार को भारत के खा
अंकिता को टेनिस में चीनी प्रतिद्वंद्वी शान जुआंग से हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल मिला.
फ़िलहाल भारत 18 पदकों के साथ पदक तालिका में दसवें नंबर पर है. भारत के पास चार गोल्ड, चार सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज़ मेडल हैं.
इस साल जैवलिन थ्रो के दो प्रमुख प्रतियोगितायों (सोतवले
मीट और सावो मीट) में सोने का तमगा लाने वाले नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में
जैवलिन थ्रो में भारत के लिए सोने के मेडल के अहम दावेदार होंगे.
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अगस्त से एथलेटिक्स में शुरू होने वाले जैवलिन थ्रो में भारत की तरफ से
खेलते नज़र आएंगे नीरज चोपड़ा. बीबीसी न्यूज़मेकर्स पर सुनिए नीरज चोपड़ा की कहानी उन्हीं की ज़ुबानी.
ते में पहला पदक अंकिता राणे की तरफ़ से आया.
आमिर ख़ान की फ़िल्म 'दंगल' को रिलीज़ हुए दो साल का वक्त बीत चुका है लेकिन चीन को ये फ़िल्म अब भी याद है.
चीनी सोशल मीडिया वीबो में लाखों लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे 2016 में आई फ़िल्म दंगल विनेश फोगाट की जीत के साथ सच साबित हो गई है.
चीन
के सरकारी टेलीविज़न सीसीटीवी में प्रासारित कार्यक्रम में इस बात पर ज़ोर
दिया जा रहा है कि कैसे विनेश की कड़ी मेहनत और अपनी बहनों के लिए उनकी
"कड़ी मेहनत और भरोसे" का उनकी जीत में "अहम योगदान" रहा.
23 साल की
हरियाणा की विनेश ने सोमवार को 50 किलोग्राम वर्ग के फ़ाइनल मुकाबले में
स्वर्ण पदक जीता. वो एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली
महिला पहलवान बन गई हैं .
सीसीटीवी ने सोमवार को एशियन गेम्स में विनेश की जीत
चीन के कई लोगों ने वीबो पर अपने पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने जब "फ़िल्म देखी तो वो रो पड़े".
लोगों ने विनेश फोगाट की जीत की तारीफ की और उन्हें प्ररणादायक बताया.
एक व्यक्ति ने लिखा, "एक पितृसत्तात्मक समाज में इस तरह की सफलता तक
पहुंच पाना बेहद मुश्किल है. इसके लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए." उनके इस
पोस्ट को छह हज़ार लाइक्स मिले हैं.
एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "मुझे
सच में ये उम्मीद है कि भारतीय महलाओं की महानता और उनके कारनामे देखें और
अब उनके साथ भेदभाव ना करें."
कई लोगों ने चीनी और भारतीय महिला खिलाड़ियों के बीच फर्क के बारे में बात की और कहा कि सभी खिलाड़ी सम्मान की हकदार हैं.
कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अब तक 'दंगल' नहीं देखी और अब फ़िल्म देखने की योजना बना रहे हैं.रियाणा की विनेश फोगाट 23 साल की हैं और 'दंगल' वाले फोगाट परिवार से ताल्लुक रखती हैं. विनेश गीता फोगाट की बहन हैं.
गीता
फोगाट उन पांच पहलवानों में से एक हैं जिन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में
हिस्सा लिया था. टीम में वो भारत की एकमात्र महिला पहलवान थीं.
दो
साल पहले रियो ओलंपिक में मिली हार को भुलाते हुए विनेश ने अपनी चीनी
प्रतिद्वंद्वी यनान सुन को हराकर अपने विजयी अभियान की शुरुआत की.
यनान
वही खिलाड़ी हैं जिनसे विनेश ओलंपिक में पैर में चोट लगने की वजह से हार
गई थीं. लेकिन इस बार उन्होंने अपना हिसाब चुकता कर लिया.
इस बार विनेश ने यनान को 8-2 से हराकर सेमीफ़ाइनल में प्रवेश किया.सके बाद उन्होंने अपनी कोरियाई प्रतिद्वंद्वी हजुंगजू किम को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हरा दिया.
इससे
पहले 2014 के एशियन गेम्स ने ब्रोन्ज़ मेडल जीता था. उन्होंने ग्लासगो और
गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भी लगातार सोना जीता था.
(बीबीसी मॉनिटरिंग
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का प्रसारण किया था. इस वीडियो को लाखों लोगों ने शेयर किया है. इसे अब तक 1.2 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है.
كشف تحقيق استقصائي قامت به بي بي سي بشكل سري عن مكاتب الزواج التي يديرها بعض رجال الدين في مناطق قريبة من بعض الأضرحة المهمة في العراق، وكان معظم رجال الدين الذين جرى الاتصال بهم على استعداد لتقديم "زيجات متعة" لفترات قصيرة جداً، قد لا تتجاوز الساعة أحياناً للتمكين من ممارسة الجنس. وكان بعضهم على استعداد ليس فقط لتسهيل حصول الزبون على نساء وشابات، بل أيضاً على فتيات قُصّر لا يتجاوز أعمارهنّ تسع سنوات. ويشير فيلم بي بي سي الوثائقي إلى أن بعض رجال الدين يتصرفون كسماسرة ويقدمون غطاءً شرعياً لممارسات تتضمن اعتداءاتٍ جنسية على الأطفال. ورصدت كاميرا مخفية رجال دين يصفون الضحايا من النساء والفتيات القصر بأنهم "عرائس حلال". ويعد "زواج المتعة" ممارسة مثيرة للجدل داخل المذاهب الفقهية الإسلامية وداخل المذهب الشيعي نفسه. لكن بعض مراجع الشيعة يبيحون هذا الزواج المؤقت على أن يدفع الرجل مهراً للمرأة مقابل ذلك. وفي الدول المسلمة ذات الغالبية السنية، يؤدي ما يسمى بزواج "المسيار" وظيفة مماثلة ، ويفترض أن هذا النوع من الزواج هدفه السماح للرجل بالزواج ...
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